मुरैना। दीपावली पर्व की तिथियों को लेकर पिछले कुछ वर्षों से आमजन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस वर्ष भी तिथियों के विशेष संयोग के कारण दीपावली से जुड़े पर्व पांच के बजाय छह दिनों में मनाए जाएंगे। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस बार तिथियों के समाप्त होने के समय में बदलाव के कारण धनतेरस से लेकर भाई दूज तक के पर्वों की तिथियों में विशेष स्थिति बन रही है। डॉ. जैन के अनुसार धनतेरस, छोटी दीपावली और बड़ी दीपावली पर सूर्यास्त के समय प्रदोष काल में संबंधित तिथि विद्यमान रहने के कारण धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की जाएगी। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की जयंती और यमदीपदान, दीपावली पर मां लक्ष्मी का पूजन तथा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि भाई दूज का पर्व अपराह्नकाल यानी दोपहर बाद मनाया जाता है। इस वर्ष 10 और 11 नवंबर, दोनों दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीया अपराह्नकाल में रहेगी। ऐसी स्थिति में दूसरे दिन की द्वितीया ग्रहण करने की परंपरा के अनुसार बुधवार, 11 नवंबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा।
छह दिनों के प्रमुख पर्व और तिथियां
6 नवंबर, शुक्रवार— धनतेरस: द्वादशी तिथि सुबह 10:31 बजे समाप्त होगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। त्रयोदशी प्रदोषकाल से लेकर पूरी रात रहने के कारण इस दिन धनत्रयोदशी, श्री धन्वंतरि जयंती और यमदीपदान मनाया जाएगा।
7 नवंबर, शनिवार— छोटी दीपावली: त्रयोदशी तिथि सुबह 10:48 बजे समाप्त होगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होकर प्रदोषकाल सहित पूरी रात रहेगी। इस दिन छोटी दीपावली और यमदीपदान किया जाएगा। अगले दिन रूप चतुर्दशी एवं नरक चतुर्दशी का अरुणोदय स्नान होगा।
8 नवंबर, रविवार— बड़ी दीपावली: चतुर्दशी तिथि सुबह 11:28 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या प्रारंभ होगी, जो सूर्यास्त के समय प्रदोषकाल में विद्यमान रहेगी और पूरी रात रहेगी। इसलिए इस दिन बड़ी दीपावली तथा श्री महालक्ष्मी पूजन किया जाएगा।
9 नवंबर, सोमवार— गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट: अमावस्या तिथि दोपहर 12:32 बजे समाप्त होकर कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा प्रारंभ होगी। इस अवसर पर गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा।
11 नवंबर, बुधवार— भाई दूज: 10 और 11 नवंबर को द्वितीया तिथि अपराह्नकाल में रहने के कारण दूसरे दिन की तिथि मान्य होगी। डॉ. जैन के अनुसार, 11 नवंबर को दोपहर 1:27 बजे से 3:37 बजे तक भाई दूज के पर्व के लिए उपयुक्त समय रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि तिथियों के आरंभ और समाप्ति के समय तथा धार्मिक परंपराओं के आधार पर पर्वों का निर्धारण किया जाता है। इसी कारण इस वर्ष दीपावली से जुड़े प्रमुख त्योहार छह दिनों में संपन्न होंगे।




