धर्म संवर्धन संस्कृति शिविर में बच्चों ने सीखे संस्कार: 30 मई को होगा संस्कृति शिविर का समापन

पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी चंद्रप्रभ जिनालय चंद्रपुरी बड़ के बालाजी में 36 साधुओं सहित ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए विराजित हैं। श्रावक-श्राविकाओं की भावना रहती हैं कि आचार्य संघ का सानिध्य अधिक से अधिक मिले। इसके उपाय में धार्मिक अनुष्ठान ,कार्यक्रम आयोजित करते हैं ताकि संत समागम अधिक से अधिक समय मिले। जयपुर से पढ़िए, डॉ.राजेश पंचोलिया की यह खबर...
जयपुर। पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी चंद्रप्रभ जिनालय चंद्रपुरी बड़ के बालाजी में 36 साधुओं सहित ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए विराजित हैं। श्रावक-श्राविकाओं की भावना रहती हैं कि आचार्य संघ का सानिध्य अधिक से अधिक मिले। इसके उपाय में धार्मिक अनुष्ठान ,कार्यक्रम आयोजित करते हैं ताकि संत समागम अधिक से अधिक समय मिले। जब से गुरुदेव पधारे हैं नियमित धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। सुनीता भागचंद चूड़ीवाल ने बताया कि 21 से 30 मई तक धर्म संवर्धन संस्कृति शिविर का आयोजन किया गया है। जिसमें आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ,श्री प्रभव सागर जी, श्री मुमुक्षु सागर जी ,आर्यिका देवर्धि मति श्री पद्मयशमति सहित अनेक साधुओं द्वारा तत्व तत्वार्थ सूत्र, छहढ़ाला ,धार्मिक संस्कार प्रथम एवं द्वितीय भाग, भक्तामर स्त्रोत, द्रव्य संग्रह आदि धार्मिक विषयों पर शिक्षण शिविर में उपदेश दिया जा रहा है। जिसमें भक्तों द्वारा भाग लिया जा रहा है। जोबनेर मंगलम सिटी, श्याम नगर, मालवीय नगर आदि से सभी उम्र के भक्त शामिल हो रहे हैं।
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