बिजौलियां खुर्द। दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की महाराधना के अवसर पर जिनालय में दशलक्षण विधान का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ।

प्रथम शांतिधारा करने का सौभाग्य बालचंद जी एवं नगीना बाई ठग परिवार को प्राप्त हुआ। द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य महिला मंडल, छोटी बिजौलियां को मिला।

नगर में निकली श्रीजी की भव्य शोभायात्रा

इस अवसर पर श्रीजी की भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए जिनालय पहुंची। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और पूरा वातावरण जिनेंद्र भक्ति से धर्ममय हो गया।

वासुपूज्य भगवान की विशेष पूजा

वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। अनंत चतुर्दशी पर दान-पुण्य का विशेष धार्मिक महत्व मानते हुए समाजजनों ने त्याग, संयम एवं परोपकार के भावों के साथ धर्मलाभ लिया।

क्षमावाणी पर्व पर दिया सद्भाव का संदेश

कार्यक्रम के दौरान क्षमावाणी पर्व भी श्रद्धा एवं भावपूर्वक मनाया गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से क्षमा याचना करते हुए “उत्तम क्षमा, सबको क्षमा, सबसे क्षमा” का संदेश दिया।

एक नजर में

उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की महाराधना एवं दशलक्षण विधान हुआ।

बालचंद-नगीना बाई ठग परिवार को प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य मिला।

महिला मंडल, छोटी बिजौलियां ने द्वितीय शांतिधारा की।

श्रीजी की भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण कर जिनालय पहुंची।

क्षमावाणी पर्व पर श्रद्धालुओं ने परस्पर क्षमा याचना की।

श्रीफल संवाद : बिजौलियां खुर्द