आगरा। शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7 आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में शुक्रवार को पर्युषण महापर्व के अवसर पर तीसरा दिन उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। सर्व प्रथम मूलनायक शांतिनाथ भगवान एवं श्री आदिनाथ भगवान अभिषेक चार महानुभावों द्वारा स्वर्ण कलश से किया गया। सभी इंद्र गर्भगृह में से दो भगवान श्री के लिए अष्ट प्रातिहार्य के साथ लेकर आए और पांडुक शिला पर विराजमान किया। सभी आठों इंद्रों ने प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त किया। सभी शेष महानुभावों ने पांडुक शिला पर विराजमान भगवान का अभिषेक किया। उपरांत आठों इंद्रों द्वारा शांतिधारा भी की गई। अभिषेक के उपरांत आरती और संगीत मय पूजन कराने की सभी क्रियाएं मथुरा चौरासी से पधारे श्री सिद्धांत शास्त्री जी ने कराई। जैन मिलन सिद्धार्थ द्वारा आयोजित "सुर सरिता से जन चेतना" कार्यक्रम किया गया l
जैन मिलन सिद्धार्थ ने किया मंगलाचरण
मंच संचालन अनिल आदर्श जैन के निर्देशन में सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों पंडित सिद्धांत शास्त्री, अध्यक्ष अतुल जैन, मंत्री राकेश जैन, कोषाध्यक्ष मगन चन्द जैन, राजेश बैनाड़ा द्वारा चित्र अनावरण आचार्य विद्यासागर जी महाराज का दीप प्रज्वलन कर की गई। जैन मिलन सिद्धार्थ द्वारा वीर, वीरांगना द्वारा बहुत ही शानदार मंगलाचरण किया गया।
सुर सरिता से जन चेतना” कार्यक्रम सार्थक
जनगणना के प्रति जन जागरण उत्पन्न करने के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई छोटी-छोटी नाट्य प्रस्तुति बहुत ही प्रभावी थीं। इन प्रस्तुति के माध्यम से महत्वपूर्ण संदेश को सरल, रोचक और सहज तरीके से जन-जन तक पहुँचाने का सुंदर प्रयास किया गया। इन नाट्य प्रस्तुतियों के मध्य ‘सुर सरिता’ का समावेश कार्यक्रम में एक सुंदर अलंकार का कार्य कर रहा था। इससे कार्यक्रम की रोचकता और प्रभाव दोनों बढ़ गए। वास्तव में “सुर सरिता से जन चेतना” शीर्षक को कार्यक्रम ने पूरी तरह सार्थक कर दिया। संगीत और नाट्य के इस सुंदर संयोजन ने मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी प्रभावशाली संदेश दिया।सुर संगीत से जन चेतना में समाज को नाट्य मंचन के जनगणना के बारे में जैन समाज का क्या दायित्व है वह समझाया।
कार्यक्रम में यह समाजजन मौजूद रहे
कार्यक्रम में अध्यक्ष विजय जैन निमोरब, मंत्री डॉक्टर आलोक जैन, कोषाध्यक्ष पारस जैन, संयोजक वीरांगना रचना जैन, दिलीप जैन, अनिल आदर्श जैन, सुशील जैन,अतुल जैन,सतीश जैन, सुरेश चंद जैन, राजेंद्र जैन, हुकुमचंद जैन, प्रदीप जैन, वीरांगना चंदा जैन, वीरांगना भारती जैन, वीरांगना ममता जैन आदि मौजूद रहे।




