आगरा। रकाबगंज छीपीटोला स्थित निर्मल सेवा सदन में पर्युषण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म पर आत्मस्पंदन ध्यान शिविर श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ आयोजित हुआ। शिविरार्थियों ने पूजन, अभिषेक, शांतिधारा, दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं मंगलाचरण में सहभागिता की।

संतचर्या शिरोमणि आचार्य श्री 108 विशुद्धसागरजी महामुनिराज के प्रभावक शिष्यों—जगत विख्यात ‘गूगल बाबा’ श्रमण मुनि श्री 108 समत्वसागरजी महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शीलसागरजी महाराज एवं श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभातसागरजी महाराज—के सान्निध्य तथा पंडित प्रदीप शास्त्री, दमोह के मार्गदर्शन में आयोजन संपन्न हुआ।

मुनिसंघ के दर्शन को पहुंचे मोरारी बापू

प्रसिद्ध रामकथा वाचक मोरारी बापू मुनि श्री 108 समत्वसागरजी महाराज ससंघ के दर्शन के लिए छीपीटोला पहुंचे। उन्होंने मुनि श्री से चर्चा कर आशीर्वाद लिया।

अपेक्षारहित क्रिया ही धर्म की ओर ले जाती है

मुनि श्री समत्वसागरजी महाराज ने कहा कि धार्मिक क्रियाओं में वृद्धि होने के बाद भी यदि जीवन में शांति नहीं मिल रही है, तो कारण क्रियाओं के पीछे छिपे रहस्य को न समझना है। धर्मक्रियाएं धर्म तक पहुंचने का साधन हैं।

उन्होंने कहा कि जब धर्म के साथ लाभ, सम्मान अथवा किसी फल की अपेक्षा जुड़ जाती है, तो वह धर्म नहीं, व्यापार बन जाता है। सच्चा धर्म वही है, जो अंतरंग परिणामों की विशुद्धि का कारण बने।

समर्पण से मधुर बनते हैं संबंध

मुनि श्री ने कहा कि संबंधों में अपेक्षाएं बढ़ने पर मधुरता और प्रेम समाप्त होने लगते हैं। भाई-भाई, परिवार और समाज के संबंधों में समर्पण का भाव होना चाहिए, स्वार्थ का नहीं।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को जीवन में शांति चाहिए, उसे उस व्यक्तित्व के पास जाना चाहिए जिसके जीवन में शांति और आनंद हो। जैसे रोगी चिकित्सक के ज्ञान पर विश्वास कर स्वयं को उसके उपचार के लिए समर्पित करता है, वैसे ही धर्ममार्ग में भी श्रद्धा और समर्पण आवश्यक है।

मंच संचालन सतेंद्र जैन साहूला ने किया।

आज उत्तम आकिंचन्य धर्म की पूजा

मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि 24 सितंबर 2026 को प्रातः 7 बजे निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में मुनि श्री 108 समत्वसागरजी महाराज के सान्निध्य में दशलक्षण पर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म के अंतर्गत अभिषेक, पूजा एवं विधान आयोजित होगा।

कार्यक्रम में सहभागिता

श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के रमेश जैन, मनोज जैन, मुकेश जैन, प्रवीन जैन पद्मावती, शैलेश जैन, मुकेश जैन लले, विवेक जैन, चक्रेश जैन, राजीव जैन, आशीष जैन बाबा, सतेंद्र जैन साहुल, प्रवीन जैन नेताजी, दीपक जैन, रोहित जैन, आयुष जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन एवं सकल जैन समाज उपस्थित रहा।

श्रीफल साथी : राहुल जैन, आगरा