जैन धर्म के प्रवर्तक एवं प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक तीर्थंकर दिवस पर भगवान ऋषभ देव के जीवन पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करने की तकनीकी शिक्षा विभाग ने अनूठी पहल की शुरुआत की है। जयपुर से पढ़िए, जिनेंद्र जैन की यह खबर...
जयपुर। जैन धर्म के प्रवर्तक एवं प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक तीर्थंकर दिवस पर भगवान ऋषभ देव के जीवन पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करने की तकनीकी शिक्षा विभाग ने अनूठी पहल की शुरुआत की है। भगवान ऋषभदेव ने लोक व्यवहार को चलाने के लिए तीन वर्णों की स्थापना की थी। इस संबंध में तकनीकी शिक्षा निदेशालय के निदेशक राजेशकुमार शर्मा ने राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय तथा निजी पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के प्रधानाचार्य, राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय के प्राचार्य को आदेश जारी किए हैं। इस निर्णय को जैन समुदाय और प्रदेश के सभी वर्गों ने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है lतकनीकी महाविद्यालय में होने वाली प्रतियोगिताएं

तकनीकी महाविद्यालय में श्रमणों का प्रवचन, समूह चर्चा , स्वरचित कविता पाठ, एकल गायन, वाद-विवाद, व्याख्यान माला, नाटक, मूक अभिनय, चित्रकला, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, निबन्ध लेखन, रचनात्मक लेखन, प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

प्रेरणा का संदेश

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के संरक्षक जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से युवा वर्ग को देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के आदर्श जीवन और उनके कार्यों से प्रेरणा मिलेगी l

जैन समुदाय एवं युवा वर्ग ने जताया आभार

इस अवसर पर अल्पसंख्यक वर्ग जैन समुदाय एवं अल्पसंख्यक वर्ग के युवा वर्ग ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ,मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका, संयुक्त शासन सचिव महेन्द्र कुमार शर्मा, सहायक शासन सचिव हेमेन्द्र गोयल और मोहम्मद उसामा, तकनीकी शिक्षा के निदेशक राजेशकुमार शर्मा आदि का आभार प्रकट करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।