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शोभायात्रा में बच्चों ने बिखेरी धर्म एवं संस्कारों की प्रतिभा, 15 राज्यों के 116 जिलों से आए पाठशाला परिवार ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन

ललितपुर. राजीव सिंघई। श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर जयपुर अन्तर्गत दो दिनी पाठशाला अधिवेशन का रविवार को मुनि सुधासागर महाराज के सान्निध्य में समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में उन्होंने श्री अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्रपाल मंदिर, में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि पाठशाला के माध्यम से धर्म और संस्कारों का जो बीजारोपण हो रहा है, उसको घर- घर में पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने समाज श्रेष्ठियों से आग्रह किया कि वह अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए पाठशाला जरूर भेजें जिससे आने वाले समय में धर्म का हृास न हो। पाठशाला आपके बच्चों को वह संस्कार और सभ्यता सिखाती है जिसके बल पर आपका बच्चा बड़ा होकर संसार में सर उठाकर जी सकेगा।

मुनि श्री ने कहा कि मंदिर कितना भी पवित्र हो, लेकिन मंदिर में आने वाला रास्ता गंदा है तो मंदिर भी गंदा हो जाएगा। इसलिए रास्ते को साफ करो। मंदिर अपने आप पवित्र हो जाएगा। पूजन की थाली को मंदिर का रास्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि मोक्ष जाने का रास्ता भोजन की थाली है। आज आपके भोजन की थाली इतनी दूषित हो चुकी है कि आप जाने-अनजाने में भोजन करते हुए भी कई पाप कर बैठते हैं। जब भोजन की थाली पवित्र होगी तो संस्कारों का संचार होगा।

मुनि श्री ने श्रमण संस्कृति संस्थान, द्वारा पाठशाला उन्नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बहुत अच्छा लगता है जब बच्चे पाठशालाओं में पहुंचकर धर्म का बोध जानते हैं। उन्होंने कहा कि पाठशालाओं को लौकिक शिक्षा की भांति जिसदिन उनके अभिवावक अनिवार्य कर देंगे, उस दिन से समाज की कुरीतियां स्वतः समाप्त होनी शुरू हो जाएंगी और संस्कारों में धर्म के बीजारोपण होगा।

इसके पूर्व रविवार प्रातःकाल श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर से पाठशाला महाअधिवेशन में भव्य शोभायात्रा प्रारम्भ हुई जिसमें देश के 15 राज्यों के 116 जिलों से आए पाठशाला परिवार ने सम्मलित होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।शोभायात्रा में पाठशाला संचालिकाएं धर्म और संस्कृति का प्रदर्शन कर रहीं थीं। शोभायात्रा में पाठशाला परिवार ललितपुर, बाहुबलि सेवा संघ, सुधा कलश मण्डल का दिव्यघोष जहां आकर्षण का केन्द्र रहा,  वहीं राजस्थान, मप्र सहित अनेक राज्यों के पाठशाला परिवार के बच्चे कहीं डाडिया तो कहीं गरवा करते हुए शोभायात्रा में चार चांद लगा रहे थे। शोभायात्रा में धर्म संस्कृति के सिलोगन के साथ- साथ हथकरघा झांकियां भी रहीं। श्वेत ध्वज पताका के साथ शोभायात्रा अपने आप में अनूठी रही जिसमें निर्यापक मुनि सुधासागर महाराज अपने संघस्थ मुनि पूज्यसागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के साथ चल रहे थे जिनकी श्रावकों ने आरती उतारी और पादप्रक्षालन कर आशीर्वाद ग्रहण किया।

पाठशाला परिवार की 2 किमी लम्बी शोभायात्रा को अनुशासित करने में जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, महामंत्री डा. अक्षय टडैया, मंदिर प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा मोदी पंकज जैन, धार्मिक संयोजक मनोज जैन बबीना, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया एवं स्थानीय संयोजक संजीव जैन ममता स्पोर्ट, सत्येन्द्रजैन गदयाना, जितेन्द्र जैन राजू,अभिषेक जैन अनौरा, जिनेन्द्र जैन डिस्को के अतिरिक्त मीना इमलया, ब्रह्मचारिणी नीलम दीदी, ब्रह्मचारिणी सविता दीदी, अनीता मोदी का योगदान रहा। शोभायात्रा का स्थान-स्थान पर श्रावकों ने स्वागत किया। शोभायात्रा आयोजन स्थल अभिनंदनोदय तीर्थ पहुंची जहां पाठशाला परिवार ने मुनि श्री का संगीतमय पूजन किया और अर्घ्य समर्पण करने का पुर्ण्याजन किया।पूजन में उपस्थित जनसमुदाय गुरु चरणों में भक्ति में झूम उठा।

इस मौके पर प्रमुुखरूप से श्रावक श्रेष्ठी महेन्द्र कुमार जी आशा पाण्डया अमेरिका, पाठशाला कुलपति डा. शीतल चंद जैन अधिष्ठाता डा. जयकुमार जैन, वीरेन्द्र भैया, डा. सुरेन्द्र भारती बुराहनपुर को दिगम्बर जैन पंचायत ने प्रतीकचिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में परीक्षा बोर्ड प्रभारी प्रदीप कुमार शास्त्री सांगानेर,पं. आलोक शास्त्री, दीपक जी शास्त्री, मुकेश शास्त्री, डा. सुनील संचय, संजीव शास्त्री राजेश शास्त्री, आनंद शास्त्री, सचिन शास्त्री का भी समागम रहा।

महाधिवेशन में जुलूस प्रतियोगिता में तपोदय बिजौलिया, आदिनाथ मंदिर धौलपुर, विद्यासागर सर्वोदय पाठशाला अशोकनगर प्रथम, पाठशाला खुरई रामगंजमण्डी कोटा एवं पाठशाला परिवार ललितपुर द्वितीय, महावीर पाठशाला टोंक राजस्थान, अनेकान्त पाठशाला जबेरा,आरौन पाठशाला तृतीय और मडावरा पाठशाला, अतिवीर पाठशाला सागर व अशोका गार्डन भोपाल पाठशाला को सान्तवना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नृत्य प्रतियोगिता में निर्णायक कैप्टन राजकुमार जैन एवं शैलेन्द्र सागर के निर्णायानुसार रामगंज मण्डी पाठशाला प्रथम, मडावरा पाठशाला द्वितीय और सागर पाठशाला तृतीय रही। जबकि मुगावली, महरौनी केशरी बबीना सिलवानी विजौलिया देवरी को सान्तवना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मध्यान्ह में मुनि श्री पूज्य सागर महाराज एवं एलक श्री धैर्यसागर महाराज ने अधिवेशन में संस्कारों की सीख देते हुए पाठशालाओं को विकसित करने के लिए संचालकों को विभिन्न टिप्स दिए। प्रातःकाल मूलनायक अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ पर मूलनायक अभिनंदननाथ भगवान का अभिषेक भक्तजनों ने किया। इसके उपरान्त मुनि सुधासागर महाराज के मुखारविन्द शान्तिधारा पुर्ण्याजक परिवार द्वारा हुई। सायंकाल जिज्ञासा समाधान के लिए श्रावकों ने मुनि श्री सुधासागर महाराज के सम्मुख अपनी जिज्ञासाएं की।

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