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आरती उतारकर ढोल नगाड़ों के साथ कराया गृह प्रवेश : बेटी के जन्म पर फूलों से सजाया घर


 परेड चौराहे पर एक परिवार में पहली संतान के रूप बिटिया के जन्म लेने पर ऐसा जश्न मनाया गया कि देखने वाले देखते रह गए। इस परिवार ने वाकई में कन्या को गृहलक्ष्मी मान उसका भव्य गृह प्रवेश कराया। इस दौरान लोगों ने इस परिवार के लिए काफी वाहवाही की। पढ़िए अजय जैन की रिपोर्ट…


अम्बाह। परेड चौराहे पर एक परिवार में पहली संतान के रूप बिटिया के जन्म लेने पर ऐसा जश्न मनाया गया कि देखने वाले देखते रह गए। इस परिवार ने वाकई में कन्या को गृहलक्ष्मी मान उसका भव्य गृह प्रवेश कराया। इस दौरान लोगों ने इस परिवार के लिए काफी वाहवाही की। बेटी के जन्म के बाद से ही पूरे परिवार में जश्न का माहौल था दरअसल, परेड चौराहे पर कन्या स्कूल के सामने निवास करने वाले दिलीप जैन के बेटे अभिलाष जैन और बहू शिवानी जैन को पहली संतान के रूप में कन्या रत्न की प्राप्ति हुई। बेटी होने का समाचार पाकर अभिलाष के पापा दिलीप जैन ने पहले ही दिन 24 जून को घर व मौहल्ले में जश्न मनाया।

बुधवार को जब नवजात कन्या और उसकी मां अस्पताल से अपने घर आई तो भव्य तरीके से नवजात कन्या का गृह प्रवेश कराया गया, इससे पहले बच्ची के दादा दिलीप जैन ने एक चमचमाती हुई कार को फूलों से सजाया और उसे लेकर वह अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी बहू और नवजात कन्या को फूलों से सजी हुई कार में बैठाया और उन्हें अपने घर लेकर आये।

फूलों की बारिश से हुआ स्वागत

दिलीप जैन और उनकी पत्नी मीना जैन सहित परिजन शकुंतला जैन, हेमन्त जैन, चंचल जैन ने अपनी नातिनि के स्वागत हेतु दरवाजे से लेकर उसके कमरे तक फूलों को बिछा रखा था। नवजात कन्या और उसकी मां ने जैसे ही दरवाजे पर प्रवेश किया तो ढोल- नगाड़े और आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मंगल गीत भी गए गए। बाकायदा इस माहौल को यादगार बनाने के लिए सभी नाते रिश्तेदारों को भी बुलाया गया। इससे पहले जैसे ही फूलों से सजी कार दरवाजे पर पहुंची वैसे ही घर के अन्य महिलाएं सजी हुई थाली लेकर पहुंची और सबसे पहले बच्ची की मां को माला पहनाई।

इसके बाद टीका लगाकर बच्ची के मां-पिता और बच्ची पर फूलों की वर्षा की गई। जिसके बाद बच्ची के पैर से चावल से भरे कलश को गिरा कर लाल रंग से भरी थाली में पैर रखकर सफेद कपड़े पर पैर के निशान छापे गए और घर में प्रवेश कराया। इस दौरान नवजात कन्या के दादा दिलीप जैन ने कहा कि बेटियां भी बेटों से कम नहीं होतीं, बेटियां भी परिवार का नाम रोशन करती हैं। हम चाहते हैं कि बेटियों को समान शिक्षा और अवसर प्रदान किए जाएं। बेटा भाग्य से मिलता है तो बेटी सौभाग्य से मिलती हैं। हम लोग बड़े ही सौभाग्यशाली हैं कि हमारे यहां पहली संतान के रूप में बेटी ने जन्म लिया है। हमने परमात्मा से मन्नत मांगी थी और परमात्मा ने हमारी मन्नत पूरी की है।

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