चैतन्य नीति

आज की चैतन्य नीति

 
अच्छे आचरण से दुखों से मुक्ति मिलती है, विवेक से अज्ञानता खत्म की जा सकती है और जानकारी से भय को दूर किया जा सकता है।

चैतन्य नीति

आज की चैतन्य नीति

बुरे समय में भी धैर्य और आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए। दोनों गुण होने से मनुष्य विषम परिस्थितियों से निकलने में भी सक्षम रहता है।

चैतन्य नीति

आज की चैतन्य नीति

फूलों की सुगंध केवल उसी दिशा में महकती है, जिस दिशा में हवा चल रही होती है। जबकि इंसान के अच्छे गुणों की महक चारों दिशाओं में स्वतः ही फैल जाती है।

चैतन्य नीति

चैतन्य नीति

 
ज्ञानी पुरुष आर्थिक संपत्ति के बगैर भी अत्यंत धनी होते हैं क्योंकि ज्ञान और संतत्व रूपी रत्नों की कीमत कभी कम नहीं होती।

व्यक्तित्व

पत्रकारिता के 46 साल का कारवां अब भी जारी है….

2 जून को मुझे पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश किये 46 साल पूरे हो गया। 2 जून 1976 को राजस्थान पत्रिका के कार्यालय में प्रवेश किया था। एक इंटर्न के रूप में काम...

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