Author - Rekha Jain

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 29 एक हजार साल पुराना है इस मंदिर का इतिहास गाय रोज दूध देती थी इस मूर्ति के स्थान पर

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 27 हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है यहां 49 खड्गासन प्रतिमाएं हैं यहां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 26 भूगर्भ से निकाली गई है शांतिनाथ भगवान की मूर्ति यहां दर्शन मात्र से पूरी होती हैं मनोकामनाएं

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अतिशय तीर्थ पार्ट 25 जिसने यहां चोरी की कोशिश की, वो हो गए अंधे और पागल जैन और अजैन व्यक्ति अपनी मनोकामनाओं को लेकर आते हैं यहां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 24 पद्मावती माता की बहुत अधिक मान्यता है यहां दक्षिणमुखी है यहां मूलनायक की मूर्ति 

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अतिशय तीर्थ पार्ट 23 मनवांछित इच्छाएं पूरी होती हैं यहां श्री सुमतकीर्ति भट्टारकजी महाराज उड़ा कर लाए थे इस मन्दिर को

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अतिशय तीर्थ पार्ट 22 शांतिनाथ और अजीतनाथ भगवान की चमत्कारी प्रतिमा हैं यहां बैलगाड़ी यहां से आगे ही नहीं बढ़ी और मूर्ति यहीं हो गई विराजमान

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अतिशय तीर्थ पार्ट 21 मुसलमान बादशाह की हाथ जोड़े खड्गासन प्रतिमा मौजूद है इस मंदिर में यहां कुतुबुद्दीन ऐबक को भी नगर में आक्रमण करने पर भगवान श्री आदिनाथ के समक्ष नतमस्तक होना पड़ा था

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समाचार

श्री शांतिसागरजी ने जिनवाणी को ताम्र-पत्र पर अंकित कराने की प्रेरणा दीः पारसोला प्रथम नगर जहां आचार्यश्री शांतिसागरजी की दो प्रतिमाएं विराजित

वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागरजी 33 साधु सहित पारसोला में विराजित है। पारसोला दिगंबर जैन समाज अनन्य गुरुभक्त समाज है, जिन्होंने किए संकल्प...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 20 इस पवित्र मंदिर में पांच भूमिगत स्तर हैं, जिनमें से पांचवां तल हमेशा बंद रखा जाता है यक्षों द्वारा संरक्षित एक प्राचीन छोटा मंदिर है यहां

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